देखिए, G20 की कहानी कोई ‘Fairy Tale’ नहीं है, बल्कि यह एक ‘Financial Crisis’ के बाद शुरू हुई थी।
1.1. 1999: जन्म की कहानी
क्या आपको 90s का ‘Asian Financial Crisis’ याद है? जब साउथ-ईस्ट एशिया की इकोनॉमीज़ (Economies) एकदम से डाउन होने लगी थीं। उस टाइम ग्लोबल लेवल पर सिर्फ G7 (यूएस, यूके, जापान जैसे अमीर देशों का क्लब) ही फैसले लेता था।
- Problem: G7 ने महसूस किया कि अब दुनिया इतनी बदल गई है कि सिर्फ उनकी मीटिंग्स से काम नहीं चलेगा। इंडिया, चाइना, ब्राजील जैसी ‘Emerging Economies’ (उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएँ) अब इतनी बड़ी हो चुकी हैं कि अगर ये मुसीबत में हों, तो पूरी दुनिया की ‘Financial Stability’ खतरे में आ जाएगी।
- Solution: इसीलिए, 1999 में बर्लिन (Berlin) में G20 की शुरुआत हुई। यह शुरुआत में बस ‘Finance Ministers’ और ‘Central Bank Governors’ की मीटिंग थी। इसका ‘Goal’ था कि बड़े-बड़े इकोनॉमिक रिस्क (Economic Risks) पर बात की जाए।

याद रखना: यह तब सिर्फ ‘Officials’ की मीटिंग थी, लीडर्स (Heads of State) की नहीं। यह ‘Point’ आपके आर्टिकल को ‘Unique’ बनाएगा।
1.2. 2008: ‘Promotion’ और लीडर्स समिट
G20 का असली ‘Game Changer’ मोमेंट आया 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद।
- जब यूएस (US) में सबप्राइम मोर्टगेज (Subprime Mortgage) का संकट आया, तो पूरी दुनिया की ‘Economy’ हिल गई। तब दुनिया को ‘Realize’ हुआ कि अब फाइनेंस मिनिस्टर्स की ‘Chai-Pani’ मीटिंग से काम नहीं चलेगा।
- Decision: तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने ‘Call’ किया कि G20 देशों के लीडर्स (राष्ट्राध्यक्षों) को खुद बैठना होगा।
- The First Summit: नवंबर 2008 में वॉशिंगटन डी.सी. (Washington D.C.) में पहला ‘G20 Leaders’ Summit’ हुआ।
बस, यहीं से G20 दुनिया का सबसे पावरफुल और ‘Important’ इकोनॉमिक प्लेटफॉर्म बन गया!
Part 2: कौन हैं ये 20 चैंपियंस? (The Member Countries)
आपने पूछा था न कि कौन-कौन से देश हैं? यह ‘Section’ सबसे ‘Crucial’ है। G20 में 19 देश और यूरोपियन यूनियन (EU) शामिल हैं। यह कोई छोटा-मोटा ग्रुप नहीं है; ये मिलकर दुनिया की $85\%$ GDP और दो-तिहाई आबादी को ‘Represent’ करते हैं।

2.1. पूरी ‘Squad’ लिस्ट
आइए, एक ‘Quick Look’ मारते हैं कि ये 20 सदस्य कौन हैं:
| एरिया (Region) | G20 सदस्य देश |
| एशिया | चाइना, इंडिया, इंडोनेशिया, जापान, साउथ कोरिया, सऊदी अरब, तुर्की |
| यूरोप | फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपियन यूनियन (EU) |
| उत्तरी अमेरिका | कनाडा, मेक्सिको, यूनाइटेड स्टेट्स (USA) |
| दक्षिण अमेरिका | अर्जेंटीना, ब्राजील |
| अफ्रीका | साउथ अफ्रीका |
| ओशिनिया | ऑस्ट्रेलिया |
Note: जब इंडिया ने 2023 में ‘Presidency’ की, तो हमने अफ्रीकन यूनियन (AU) को भी इसमें ‘Permanent Member’ बना दिया! यह एक ‘Historic Step’ था!
2.2. G20 की वर्किंग स्टाइल: द ‘Troika’ (ट्रोइका)
यह ‘Point’ आपके आर्टिकल को ‘Deep Knowledge’ देगा। G20 की ‘Chairmanship’ हर साल बदलती है, लेकिन काम में ‘Continuity’ बनाए रखने के लिए एक सिस्टम है जिसे ‘ट्रोइका’ (Troika) कहते हैं।
- कौन होता है ट्रोइका में? इसमें 3 देश होते हैं:
- पिछला अध्यक्ष (The Past President)
- वर्तमान अध्यक्ष (The Current President)
- अगला अध्यक्ष (The Incoming President)
- 2023 का उदाहरण: जब इंडिया प्रेसिडेंट था, तब ट्रोइका में कौन था?
- पास्ट: इंडोनेशिया (2022)
- करंट: इंडिया (2023)
- इनकमिंग: ब्राजील (2024)
यह ‘Troika’ System पक्का करता है कि एजेंडा (Agenda) एक देश से दूसरे देश में ‘Smoothly’ ट्रांसफर हो जाए।
Part 3: हालिया समिट्स: बाली से दिल्ली, और अब रियो
आपने पूछा था कि पिछली बार कब हुआ और अब कहाँ हो रहा है। यह ‘Current Affairs’ पार्ट सबसे ‘Trending’ है!
G20 की ‘Presidency’ एक साल के लिए एक देश के पास रहती है।
| साल (Year) | होस्ट कंट्री (Host Country) | लोकेशन (Location) | थीम (Theme) |
| 2022 | इंडोनेशिया | बाली (Bali) | Recover Together, Recover Stronger |
| 2023 | इंडिया | नई दिल्ली | वसुधैव कुटुंबकम् (One Earth, One Family, One Future) |
| 2024 | ब्राजील | रियो डी जनेरियो | Building a Just World and a Sustainable Planet |
3.1. इंडिया में G20 (2023): ‘Historic’ मौका!
आपका सवाल था कि इंडिया में G20 पिछली बार कब हुआ था? Answer: यह पहली बार था जब इंडिया ने G20 लीडर्स समिट को होस्ट किया!
- कब हुई अध्यक्षता? 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक।
- सिर्फ दिल्ली नहीं: यह सिर्फ दिल्ली का इवेंट नहीं था, बल्कि पूरे इंडिया के 60 शहरों में 200 से ज़्यादा मीटिंग्स हुईं। यह हमारी ‘Diversity’ को दुनिया को दिखाने का सबसे बड़ा ‘Platform’ था।
3.2. सबसे बड़ी जीत: अफ्रीकी यूनियन (AU) को ‘Permanent Member’ बनाना
यह ‘Point’ आपके आर्टिकल का ‘Highlight’ है!
- इंडिया ने ‘Global South’ (दुनिया के विकासशील देश) की ‘Voice’ बनकर काम किया।
- इंडिया की ‘Diplomacy’ इतनी स्ट्रॉन्ग रही कि 55 अफ्रीकी देशों के समूह अफ्रीकी यूनियन (AU) को G20 का ‘Permanent Member’ बना दिया गया।
- यह इंडिया की ‘Foreign Policy’ के लिए एक बहुत बड़ी ‘Success’ है। अब G20, G21 बन गया है, जो ‘More Inclusive’ है।
3.3. नई दिल्ली घोषणापत्र (New Delhi Declaration): ‘Masterpiece’ Diplomacy
एक और ‘Deep Point’ जो आपको पता होना चाहिए:
G20 का समिट तब हुआ जब रशिया-यूक्रेन वॉर (War) की वजह से दुनिया बँटी हुई थी। कई लोगों को लगा कि ‘Joint Declaration’ (संयुक्त घोषणापत्र) आ ही नहीं पाएगा। लेकिन, इंडिया ने अपनी ‘Master Diplomatic Skills’ से सभी 20 देशों को एक ही ‘Page’ पर ला दिया।
मेन आउटकम्स (Main Outcomes):
- DPI (Digital Public Infrastructure): इंडिया ने दुनिया को अपना UPI, Aadhaar और CoWin मॉडल ‘Showcase’ किया। दुनिया ने माना कि DPI ‘Global Growth’ का इंजन है।
- Climate Finance: इंडिया ने अमीर देशों पर दबाव डाला कि वे ‘Climate Change’ से लड़ने के लिए गरीब देशों को ‘Proper Funding’ दें।
Part 4: इंडिया को क्या ‘Benefit’ हुआ? – More Than Just a Meeting

आपने पूछा था न कि इंडिया को G20 होस्ट करने से क्या मिला? यह ‘Benefit’ सिर्फ इकोनॉमिक नहीं, बल्कि ‘Strategic’ और ‘Political’ भी है।
4.1. ‘Soft Power’ और ग्लोबल ब्रांडिंग
- विश्व-गुरु की इमेज: G20 ने इंडिया को एक ‘Responsible’ और ‘Competent’ ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित किया। सफलतापूर्वक इतना बड़ा इवेंट होस्ट करना आसान नहीं था।
- कल्चरल डिप्लोमेसी: हर मीटिंग में विदेशी डेलीगेट्स (Delegates) ने हमारी ‘Culture’, ‘Art’ और ‘Cuisine’ को करीब से देखा। इंडिया की ‘Soft Power’ दुनिया भर में ‘Boost’ हुई।
- पर्यटन (Tourism): 60 शहरों में मीटिंग्स होने से लोकल टूरिज्म और इन्फ्रास्ट्रक्चर में ‘Long-term Improvement’ आया।
4.2. ‘Economic’ और ‘Investment’ अट्रैक्शन
- FDI (Foreign Direct Investment): G20 एक ऐसा ‘Platform’ था जहाँ इंडिया ने दुनिया के सामने अपनी ‘Growing Economy’ और ‘Ease of Doing Business’ को ‘Advertise’ किया। इससे विदेशी निवेश (Foreign Investment) आने की संभावना बहुत बढ़ गई।
- ग्लोबल सप्लाई चेन (GSC): दुनिया अब चाइना पर अपनी निर्भरता (Dependency) कम करना चाहती है (China Plus One Strategy)। G20 के ज़रिए इंडिया ने खुद को एक ‘Reliable Alternative Hub’ के रूप में दुनिया के सामने रखा।
4.3. ‘Global Agenda Setter’ बनना
यह सबसे बड़ा फायदा है। इंडिया अब सिर्फ ‘Follower’ नहीं रहा, बल्कि ‘Agenda Setter’ बन गया है।
- ग्लोबल साउथ की लीडरशिप: इंडिया ने विकासशील देशों के मुद्दों को ‘Mainstream’ G20 एजेंडे में डाल दिया। यह ‘Moral’ लीडरशिप है।
- मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC): G20 के दौरान यह ‘Mega Infrastructure Project’ अनाउंस हुआ, जो इंडिया को मिडिल ईस्ट होते हुए यूरोप से जोड़ेगा। यह चीन के ‘Belt and Road Initiative’ (BRI) का एक तगड़ा जवाब है।
Part 5: G20 से जुड़े इंडिया के ‘Mega Initiatives’
2000+ वर्ड्स के लिए हमें थोड़ा और ‘Elaborate’ करना होगा। इंडिया ने G20 के मंच का इस्तेमाल करके दो और बड़े ‘Concepts’ दुनिया को दिए।
5.1. LiFE: लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (Lifestyle for Environment)
यह इंडिया का एक ‘Unique Concept’ है।
- क्या है ये? इंडिया का कहना है कि ‘Climate Change’ से लड़ने के लिए सिर्फ सरकारें नहीं, बल्कि हर व्यक्ति अपनी ‘Daily Lifestyle’ में चेंज लाए।
- उदाहरण: प्लास्टिक कम यूज़ करना, एनर्जी बचाना, ‘Sustainable Products’ चुनना।
- G20 पर असर: इंडिया ने दुनिया को समझाया कि हमें ‘Use and Throw’ वाली मानसिकता (Mentality) को छोड़कर ‘Mindful and Deliberate Use’ पर आना होगा।
5.2. ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (Global Biofuels Alliance – GBA)
यह भी G20 में इंडिया की एक पहल थी।
- मकसद: पेट्रोलियम (Petrol/Diesel) पर निर्भरता कम करना और बायोफ्यूल्स (Biofuels) के यूज़ को बढ़ाना।
- इंडिया का रोल: इंडिया ने दुनिया को दिखाया कि कैसे गन्ने, अनाज और वेस्ट से ‘Fuel’ बनाया जा सकता है। यह कदम ‘Energy Security’ और ‘Clean Environment’ दोनों के लिए ज़रूरी है।
Part 6: कन्क्लूजन और ‘Quick FAQs’
6.1. फाइनल वर्ड (Conclusion)
तो, मेरे दोस्त, अब आप देख सकते हैं कि G20 सिर्फ ‘Heads of State’ की ‘Photo-Op’ नहीं है। यह वो जगह है जहाँ दुनिया की ‘Future’ डिसाइड होती है।
इंडिया की 2023 ‘Presidency’ ने यह ‘Prove’ कर दिया कि हम सिर्फ एक ‘Developing Nation’ नहीं हैं, बल्कि एक ‘Global Powerhouse’ हैं जो अपनी ‘Values’ (‘वसुधैव कुटुंबकम्’) के साथ दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों का हल निकालने को ‘Ready’ है। यह हमारे देश के लिए ‘Proud Moment’ था!
6.2. आपके आर्टिकल के लिए ‘Quick FAQs’ (Rank Math Booster)
ये ‘FAQs’ आपके आर्टिकल को ‘Search Engine’ में ‘Rank’ करने में बहुत मदद करेंगे।
Q1: G20 का ‘Headquarters’ (मुख्यालय) कहाँ है?
A1: G20 का कोई परमानेंट हेडक्वार्टर नहीं है। यह एक रोटेशनल फोरम है। जिस देश के पास ‘Presidency’ होती है, वही पूरे साल इसका ‘Administration’ संभालता है।
Q2: G20 और G7 में ‘Main Difference’ क्या है?
A2: G7 (सात सबसे अमीर विकसित देश) एक ‘Exclusive Club’ है। G20 में G7 के साथ-साथ चाइना, इंडिया, ब्राजील जैसे ‘Emerging Economies’ भी शामिल हैं, जो इसे ‘More Inclusive’ और ‘Economically Representative’ बनाता है।
Q3: G20 का 2023 का ‘Motto’ क्या था?
A3: G20 इंडिया 2023 का ‘Motto’ या थीम था: “वसुधैव कुटुंबकम्” या “One Earth · One Family · One Future”।
Great! हमने 2000+ शब्दों का एक ऐसा ‘Comprehensive Article Draft’ तैयार कर लिया है, जिसकी ‘Language’ आपसे बात करने जैसी है, जिसमें हिंदी और इंग्लिश का ‘Perfect Blend’ है, और जो SEO-Friendly भी है!
game zone : https://bharatnewsai.com/game-zone/
